पान के पत्ते के फायदे

पान के पत्तों का भी फायदा हमें कई तरह की परेशानियों से बचाता है. पान के पत्ते हमारे यहां धार्मिक कार्यों में भी इस्तेमाल किए जाते हैं. इसके अलावा पान के पत्ते पर तंबाकू, चुना, कत्था और सुपारी आदि लगाकर इसे खाने की भी एक लंबी परंपरा रही है. इससे भी कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. इसमें पाए जाने वाले तमाम औषधीय गुणों के आधार पर आप कह सकते हैं कि यह एक अद्भुत जड़ी-बूटी है. पान के पत्ते में विटामिन सी, प्रोटीन और बहुत सारे लाभदायक पदार्थों की मौजूदगी होती है. आइए जानते हैं कि इसके पान के पत्ते का क्या फायदा और क्या नुकसान है.
1. सर्दी खांसी में
सर्दी खांसी के दौरान छाती और फेफड़ों में परेशानी होने लगती है. इस दौरान कई बार श्वसन से संबंधित समस्याएं भी हो सकती है. इन सभी समस्याओं से निपटने के लिए आप पान के पत्ते पर सरसों का तेल लगाकर इसे गर्म कर छाती पर रख सकते हैं. या दो कप पानी में इलायची लौंग क्यों बम और दालचीनी के साथ कुछ पान के पत्ते डालकर इसे उबालें जब पानी आधा रह जाए तो उसे उतार लें और दिन में 3 बार इसका सेवन करें. ऐसा करने से आपकी खांसी और सूजन की समस्याएं दूर होती हैं.
2. शुगर के उपचार में
शुगर जैसी महत्वपूर्ण बीमारियों में भी पान के पत्तों की सकारात्मक भूमिका होती है. दरअसल पान की पत्तियां रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित कर सकती हैं. यदि आप पान की पत्तियों का अर्थ नियमित रूप से लें तो इसमें मौजूद एंटी डायबिटिक गुण आपका रक्त शर्करा घटा सकते हैं.
3. मूत्रवर्धक के रूप में
पान की पत्तियों को पीसकर उसे निकाला हुआ रस और इसमें थोड़ा पतला दूध मिलाकर सेवन करने से शरीर में पानी की अवधारण क्षमता में सुधार आता है. पेशाब की समस्या से पीड़ित व्यक्तियों के लिए यह काफी राहत देने वाला होता है. क्योंकि पान का पत्ता एक अच्छा मूत्रवर्धक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.
4. भूख को बढ़ाने में
पान के पत्ते का लाभ भूख से संबंधित समस्याओं या पेट खराब होने की स्थिति में भी देखा जाता है. दरअसल पान के पत्ते भूख वाले हार्मोन को ट्रिगर कर करने में सक्षम होते हैं. जिससे कि आपकी भूख लगने की समस्या दूर होती है. इसके अलावा पान के पत्ते की भूमिका यह भी होती है कि यह आपके पेट से तमाम विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल कर आपका भूख बढ़ाता है.
5. पाचन से संबंधित समस्याओं में
पान के पत्ते चबाने से आपकी लार ग्रंथि किस सक्रियता में सुधार होता है. इसलिए अब जब भी आप कुछ खाते हैं तो उसमें ज्यादा से ज्यादा मात्रा में लार मिल पाता है. जिससे कि लार में पाए जाने वाले एंजाइम खाद्य पदार्थों को अच्छे से तोड़ पाते हैं इस वजह से पाचन बहुत आसान हो जाता है.
6. गैस की समस्या में
आज की तारीख में गैस ठीक से संबंधित परेशानियां कई लोगों में देखी जाती है. यह परेशानियां पाचन से संबंधित समस्याओं के कारण भी हो सकती हैं. पान के पत्ते में प्रिय सिस्टर को संतुलित करके एसिडिटी को कम करता है. जिससे कि आपकी गैस्ट्रिक की समस्या काफी हद तक दूर होती है.
7. गांव के उपचार में
पान की कुछ ऐसी हुई पत्तियों से इसका रस निकालकर घाव संक्रमण पर लगाने से उसमें सुधार आता है. क्योंकि पान के पत्तों में गांव और संक्रमण को दूर करने के गुण पाए जाते हैं. आप इसे प्रभावित क्षेत्रों में लगा कर इसे किसी कपड़े से बांध लें. यह विनाशकारी रोगाणुओं के विकास को भी बाधित करता है.
8. मुहांसों को दूर करने में
पान के पत्ते में रोगाणुरोधी गुण पाए जाते हैं इस वजह से पान के पत्ते मुहांसे, काले धब्बे, खुजली, एलर्जी आदि समस्याओं का इलाज करने में सक्षम होते हैं. पान की पत्तियों के रस में हल्दी मिलाकर मुंहासों पर या एलर्जी वाले स्थानों पर लगाने से यह समस्या खत्म होती है. यही नहीं पान के पत्ते का रोगाणुरोधी गुण आपकी त्वचा को संक्रमण से भी बचाता है.
9. मुंह व मसूड़ों के लिए
पान के पत्तों को चबाने से आपके मुंह में स्थित तमाम जीवाणु जो कि आपके लिए हानिकारक हो सकते हैं, खत्म होते हैं. इस तरह से पान के पत्ते चबाने से आपका मुंह साफ होता है. मसूड़ों को भी मजबूती मिलती है. पान के पत्ते अक्सर मुंह में होने वाले रक्त स्राव को भी रोक सकते हैं.
पान के पत्तों के नुकसान
  • यदि आप पान के पत्तों में सुपारी रखकर इसे इस्तेमाल करना चाहते हैं तो यह कई तरह की समस्याओं में परेशानियां बढ़ा सकता है.
  • बेहतर यही होगा कि पान के पत्तों का इस्तेमाल से पहले किसी चिकित्सा का सलाह लें.

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